शराब की दूकान के फायदे

एक शराब की दूकान से कितना रोजगार उत्पन होता है !
जब कोई शराबी 100 रूपए का शराब खरीदता है तो सीधा 30-40 रूपए सरकार को टैक्स के रूप में मिलता है |

शराबी शराब पता है तो कबाड़ियों को उनकी खली बोतल मिलती है जिससे उसका घर चलता है |

धरबि जब ज्यादा नशे में रहता है तो नाले में गिरता है, गिरने के साथ ही उसके जेब में जो भी हो, पर्स, रुपया, मोबाइल, घडी, आदि सभी निकल जाते है, जिनसे किसी परिवार का घर कुछ दिन चलता है |

शराब पीकर सभी सच बोलते है, में तो कहता हूँ अदालत में गवाह को उतना पिला कर गवाही लेनी चाहिए की उसे सहारे की जरूरत पड़े |

शराबी हमेशा निडर रहता है, उसे न आज का भय रहता है न कल की, इसलिए जो खुद को बुजदिल समझते है उन्हें आज नहीं बल्कि अभी से शराबी के केटेगरी में आ जाना चाहिए, और खुद को निडर बनाना चाहिए |

शराबी आदमी बहुत दानी होता है, आप किसी से रोटी मानगो हो सकता है मना कर दे पर शराबी कभी शराब पिलाने से मना नहीं करता बस एक शर्त होती है अगली बार तुम्हे भी पिलाना होगा ||

इतने सरे फायदे होने के कारण मेरे ख्याल से शराब की दूकान हर गली हर चौराहे हर मोहल्ले में खुलनी चाहिए

 

*ये अलग बात है शराब न पिने के बावजूद मेरे में ये सारे खूबी है इसलिए में शराब नहीं पीता –karun sah